राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा का उद्घाटन

 


राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा का उद्घाटन

संगठनात्मक विस्तार, सामाजिक प्रभाव, सद्भाव और एकता पर होगा चिंतन

बेंगलुरु, 21 मार्च 2025: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) की तीन दिवसीय अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा का उद्घाटन सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत और सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले ने जनसेवा विद्या केंद्र, चन्नेनहल्ली में किया। भारत माता के चित्र के समक्ष पुष्पांजलि अर्पित कर बैठक का शुभारंभ किया गया।

उद्घाटन के अवसर पर सह सरकार्यवाह मुकुंद सीआर ने मीडिया को संबोधित करते हुए बताया कि इस बैठक में देशभर से 1482 कार्यकर्ता उपस्थित हैं। बैठक में संघ के कार्यों का विश्लेषण और भविष्य की योजनाओं पर विचार-विमर्श किया जाएगा। यह संघ का 100वां स्थापना वर्ष है, और इस अवसर पर संगठनात्मक विस्तार व सामाजिक प्रभाव पर गहन चर्चा होगी।

संघ की गतिविधियों और विस्तार की स्थिति

  • कुल स्थान: 51,570

  • दैनिक शाखाएँ: 83,129

  • साप्ताहिक मिलन: 32,147

  • मासिक मंडली: 12,091

  • कुल शाखाएँ, मिलन, मंडली: 1,27,367

संघ ने ग्रामीण मंडलों पर विशेष ध्यान केंद्रित किया है और देश को 58,981 ग्रामीण मंडलों में विभाजित किया है। इनमें से 30,717 मंडलों में दैनिक शाखाएँ और 9,200 मंडलों में साप्ताहिक मिलन चल रहे हैं।

संघ शताब्दी विस्तारक अभियान

पिछले वर्ष संघ प्रमुख ने कार्यकर्ताओं से संघ विस्तार के लिए दो वर्षों का समय देने का आह्वान किया था, जिस पर 2,453 स्वयंसेवकों ने पूर्णकालिक योगदान दिया। 14-25 आयु वर्ग के युवाओं की संख्या में वृद्धि हो रही है। पिछले वर्ष आयोजित 4,415 प्रारंभिक वर्गों में 2,22,962 स्वयंसेवकों ने भाग लिया, जिनमें 1,63,000 युवा और 20,000 से अधिक 40 वर्ष से अधिक आयु के स्वयंसेवक थे।

संघ की वेबसाइट (www.rss.org) के माध्यम से 2012 से अब तक 12,72,453 से अधिक लोगों ने जुड़ने में रुचि दिखाई है, जिनमें 46,000 से अधिक महिलाएँ शामिल हैं।

राष्ट्रीय और सामाजिक योगदान

सरसंघचालक और सरकार्यवाह ने मुंबई में इस्कॉन, रामकृष्ण मिशन, बीएपीएस, भारत सेवाश्रम, चिन्मय मिशन जैसे आध्यात्मिक संगठनों के प्रमुखों से भेंट की। देशभर में 89,706 सेवा गतिविधियाँ संचालित हो रही हैं, जिनमें शिक्षा, चिकित्सा, स्वावलंबन और सामाजिक जागरूकता के क्षेत्र शामिल हैं।

महाकुंभ में सक्षम द्वारा आयोजित नेत्र कुम्भ में 2,37,964 लोगों ने निःशुल्क नेत्र परीक्षण कराया, 1,63,652 लोगों को निःशुल्क चश्मे वितरित किए गए और 17,069 लोगों की निःशुल्क मोतियाबिंद सर्जरी की गई।

मणिपुर की स्थिति और संघ का प्रयास

मणिपुर की अशांत स्थिति को लेकर संघ मैतेई और कुकी जनजातियों के नेताओं के साथ संवाद स्थापित कर रहा है। इंफाल, गुवाहाटी और दिल्ली में बैठकें आयोजित कर शांति बहाली की दिशा में प्रयास किए जा रहे हैं। विस्थापित लोगों के लिए राहत शिविरों का संचालन किया जा रहा है।

भाषा और सांस्कृतिक विषय

संघ मातृभाषा को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है। सरसंघचालक ने औपचारिक और अनौपचारिक बैठकों में मातृभाषा के प्रयोग पर जोर दिया है और अन्य क्षेत्रीय भाषाओं को सीखने के महत्व को रेखांकित किया है।

संघ@100 और भविष्य की योजनाएँ

संघ से जुड़े स्वयंसेवकों की संख्या 1 करोड़ से अधिक हो चुकी है। तमिलनाडु, बिहार और ओडिशा जैसे राज्यों में भी शाखाओं की संख्या में वृद्धि हो रही है।

संघ अपने 100वें वर्ष में संगठनात्मक मजबूती, सामाजिक समरसता और राष्ट्र निर्माण के लिए प्रतिबद्ध है और अपने कार्यों को विस्तार देने की दिशा में निरंतर कार्यरत है।

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