उत्तर प्रदेश के बरेली जिले में स्थित दरगाह आला हजरत से जुड़े मुस्लिम धर्म गुरु मौलाना शाहबुद्दीन बरेलवी अपने विवादास्पद बयानों के लिए जाने जाते हैं। अब उन्होंने महाराष्ट्र के नागपुर में हाल में हुई हिंसा पर एक हैरान करने वाला बयान दिया है। मौलाना बरेलवी के अनुसार, यह हिंसा छत्रपति शिवाजी महाराज के बड़े बेटे, छत्रपति शंभाजी महाराज की जीवनी पर बनी हालिया फिल्म 'छावा' के कारण हुई है। उन्होंने इस फिल्म को हिंसा की मुख्य वजह बताते हुए इसे बैन करने की मांग की है।
नागपुर हिंसा के बाद प्रशासन ने स्थिति पर नियंत्रण पाया और सोमवार (17 मार्च) को कड़ी कार्रवाई शुरू की। हालांकि, मौलाना शाहबुद्दीन बरेलवी ने इस हिंसा का दोष फिल्म 'छावा' पर मढ़ते हुए इसे समाज में उत्तेजना फैलाने वाला बताया। उनका दावा है कि फिल्म देखने के बाद नागपुर में हुई हिंसा ने पूरे देश में तनाव बढ़ा दिया है।
मौलाना बरेलवी ने गृहमंत्री अमित शाह को पत्र लिखकर फिल्म पर पाबंदी लगाने की मांग की है। उन्होंने कहा कि फिल्म 'छावा' के प्रसार से दोनों समुदायों के बीच तनाव और नफरत की भावना बढ़ रही है, जो हिंसा को जन्म देती है। उनका कहना है कि यह फिल्म समाज में उत्तेजना पैदा कर रही है और लोगों के दिलों और दिमाग में भड़काऊ विचारों को जन्म दे रही है।
मौलाना ने यह भी कहा कि देश में कुछ लोग जानबूझकर मुसलमानों को भड़काने का काम कर रहे हैं, जो आगे चलकर कानून-व्यवस्था के लिए खतरे की घंटी साबित हो सकते हैं। उन्होंने गृहमंत्री से अपील की है कि हिंदूवादी संगठनों की ओर से फैलाई जा रही उग्रता को नियंत्रित किया जाए और ऐसे संगठनों पर कार्रवाई की जाए।
इसके साथ ही, मौलाना ने फिल्म 'छावा' के निर्माताओं और निर्देशक के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की भी मांग की है। उन्होंने यह स्पष्ट किया कि वे 'छावा' फिल्म को देखकर उत्पन्न हुई हिंसा और विवादों को सुलझाने के लिए प्रशासन से और सख्त कदम उठाने का आग्रह कर रहे हैं।
मौलाना बरेलवी के इस बयान ने एक बार फिर से समाज में विभाजन और सांप्रदायिक तनाव की ओर इशारा किया है, जो विभिन्न धार्मिक और राजनीतिक समूहों के बीच बढ़ती असहमति का संकेत देता है।