राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले जी का संबोधन: भारतीय परिवार संस्था और सामाजिक समरसता पर जोर



चऱ्होली, पिंपरी चिंचवड़ – राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले जी ने कहा कि भारत ने एक हजार वर्षों के विदेशी आक्रमणों के दौरान कई राज्य, मंदिर और विश्वविद्यालयों को खोया, लेकिन भारतीय परिवार संस्था पर इन आक्रमणों का प्रभाव नहीं पड़ा। हालांकि, आधुनिक समय में समस्त सुख-सुविधाओं के बावजूद भारतीय परिवार व्यवस्था डांवाडोल हो रही है, जो राष्ट्र के लिए खतरे की घंटी है।

परिवार संस्था: भारतीय संस्कृति की रीढ़

डूडूलगांव स्थित संत सावता माली मंदिर के प्रांगण में आयोजित पिंपरी चिंचवड नगर के वर्ष प्रतिपदा उत्सव में सरकार्यवाह जी प्रमुख अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम में आलंदी शहर व्यापारी संगठन के अध्यक्ष सतीश चोरडिया, जिला संघचालक विनोद बंसल, और नगर कार्यवाह नारायण बांगर सहित कई गणमान्य उपस्थित थे।

सरकार्यवाह जी ने कहा कि भारतीय परिवार व्यवस्था विश्व की सर्वश्रेष्ठ सामाजिक संरचना है। यह संस्कार, संस्कृति, सेवा भाव और आत्मीयता के बल पर राष्ट्र को भी सशक्त बनाती है। उन्होंने कहा, "हमारे परिवारों में ‘मातृ-पितृ देवो भवः’ का आचरण होना चाहिए। आधुनिक युग में परिवार व्यवस्था को बचाए रखने के लिए हर सदस्य को प्रयास करना होगा। यदि परिवार सशक्त रहा, तो राष्ट्र भी सशक्त रहेगा। व्यक्तिगत और राष्ट्रीय चरित्र के निर्माण से ही श्रेष्ठ भारत का निर्माण होगा।"

हिन्दू समाज में जातिभेद को समाप्त करने का आह्वान

सरकार्यवाह जी ने जातिभेद को सामाजिक कलंक बताते हुए कहा कि हिन्दू समाज में जाति के आधार पर भेदभाव के लिए कोई स्थान नहीं है। उन्होंने कहा, "हमारे धर्मग्रंथों में यह स्पष्ट है कि ईश्वर का अंश सभी में विद्यमान है। संतों और महापुरुषों ने जातिभेद का हमेशा विरोध किया है। यदि समाज में जाति के आधार पर भेदभाव होता है, तो यह हमारे लिए दुर्भाग्यपूर्ण है।" उन्होंने समाज से जातिभेद मिटाने का आह्वान किया और कहा कि नागरिकों को अपने अधिकारों के साथ-साथ कर्तव्यों का भी पालन करना चाहिए।

सामाजिक और राष्ट्रीय उत्थान के लिए संदेश

सरकार्यवाह जी ने परिवार संस्था को मजबूत करने, पर्यावरण संरक्षण, नागरिक कर्तव्य, स्वावलंबी अर्थव्यवस्था, स्व-बोध और सामाजिक समरसता को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर बल दिया।

इस अवसर पर प्रमुख अतिथि सतीश चोरडिया ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के राष्ट्रभक्ति और संस्कृति के प्रचार-प्रसार हेतु किए जा रहे कार्यों की सराहना की। उन्होंने कहा, "संघ का निःस्वार्थ राष्ट्रकार्य संपूर्ण समाज के लिए प्रेरणादायक है।"

कार्यक्रम से पूर्व सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले जी ने श्री अडबंगनाथ महाराज और संत सावता माली मंदिर का दर्शन कर परिसर में चल रहे कार्यों की जानकारी ली।

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