यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर ज़ेलेंस्की ने रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को लेकर एक बड़ा दावा किया है, जिससे वैश्विक स्तर पर राजनीतिक हलचल बढ़ गई है। ज़ेलेंस्की ने कहा है कि पुतिन जल्द ही मर जाएंगे। गौरतलब है कि पुतिन के स्वास्थ्य को लेकर पहले भी कई तरह की अटकलें लगाई जाती रही हैं। ऐसे में ज़ेलेंस्की के इस बयान ने नई चर्चाओं को जन्म दे दिया है।
पेरिस में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान बयान
फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के साथ बैठक के बाद पेरिस में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान, ज़ेलेंस्की ने कहा कि पुतिन अपनी मृत्यु से डरते हैं। उन्होंने कहा, "जब यह होगा, तो सब कुछ खत्म हो जाएगा।" बुधवार को ज़ेलेंस्की और मैक्रों ने शांति प्रयासों को लेकर बातचीत की। यह बैठक अमेरिका की मध्यस्थता में हुए ब्लैक-सी संघर्ष विराम के बाद हुई थी। दोनों नेताओं ने एकजुटता का संदेश देते हुए रूस से समझौतों का पालन करने की अपील की और आगामी यूरोपीय संघ शिखर सम्मेलन से पहले यूरोपीय देशों को मजबूती बनाए रखने का आह्वान किया।
'हमारा संघर्ष खत्म होगा' – ज़ेलेंस्की
ज़ेलेंस्की ने आगे कहा, "पुतिन केवल यूक्रेन तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि पूरे यूरोप को निशाना बनाना चाहते हैं। वह अंदर से यूरोपीय देशों में अस्थिरता फैलाने का अभियान चला रहे हैं। हंगरी उनके समर्थन में है, लेकिन मैं कहता हूं कि जल्द ही पुतिन की मृत्यु होगी। यह सत्य है, और इसी के साथ हमारा संघर्ष समाप्त हो जाएगा। मुझे विश्वास है कि अमेरिका के दबाव में रूस बिना शर्त संघर्ष विराम के लिए तैयार हो जाएगा।"
पुतिन के स्वास्थ्य पर अटकलें
रूसी राष्ट्रपति पुतिन के स्वास्थ्य को लेकर लंबे समय से अटकलें लगाई जा रही हैं। विभिन्न रिपोर्टों के अनुसार, उन्हें लगातार खांसी की समस्या हो रही है, और उनके हाथ-पैर अनैच्छिक रूप से हिलते हैं। कुछ रिपोर्टों में यह भी दावा किया गया है कि पुतिन कैंसर या पार्किंसन जैसी गंभीर बीमारी से ग्रसित हो सकते हैं।
रूस-यूक्रेन वार्ता और संघर्ष विराम
यूक्रेन के राष्ट्रपति ज़ेलेंस्की ने कहा कि उनका देश ऊर्जा अवसंरचना को हमलों से बचाने से जुड़े समझौते पर आगे बढ़ने के लिए तैयार है। सऊदी अरब की राजधानी में अमेरिकी मध्यस्थता में यूक्रेनी और रूसी अधिकारियों के बीच तीन दिनों तक वार्ता चली, जिसके बाद कुछ समझौते हुए। मंगलवार देर रात अपने वीडियो संबोधन में ज़ेलेंस्की ने कहा कि यूक्रेन और अमेरिकी वार्ताकारों के बीच सहमति बनी है कि ऊर्जा सुविधाओं पर संघर्ष विराम तुरंत प्रभावी हो सकता है। हालांकि, उन्होंने चेतावनी दी कि यदि रूस ने यूक्रेन की ऊर्जा संरचनाओं पर हमला किया, तो उसे कड़ा जवाब दिया जाएगा।